"दिल से जुदा, प्यार से जुड़ा"
शहर की गलियों में एक सुंदर सी लड़की नैना रहती थी। उसकी हँसी और खुशियाँ सभी को मोहित करती थीं। वह अपने कल्पनाओं में खोई रहती और सपनों की दुनिया में खोयी रहती।
एक दिन, नैना की दुनिया में एक यात्री प्रवेश करा। उसका नाम वरुण था। वरुण एक रहस्यमय और आकर्षक व्यक्तित्व वाले युवक थे। नैना ने पहली बार ही उसकी आँखों में उसके दिल की गहराइयों तक की यात्रा की थी।
वह दोनों आसपास की खूबसूरती को नहीं, बल्कि उनकी आत्मा को महसूस करने लगे। उनकी मुलाकात होते ही एक अजीब सी ताक़त उनके बीच उत्पन्न हो गई।
जब वो साथ होते, तो समय अचानक धीरे-धीरे ठहरने लगता। वे बिना कुछ कहे ही एक-दूसरे की भावनाओं को समझ जाते थे।
एक दिन, नैना ने वरुण से कहा, "वरुण, हम दोनों के बीच कुछ खास है। क्या तुम मुझसे प्यार करते हो?"
वरुण ने मुस्कराते हुए कहा, "नैना, मैं तुमसे बिना कुछ कहे प्यार करता हूँ। तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी बातें, तुम्हारी हर एक खासियत मुझे मोहित करती है।"
नैना के आँखों में खुशी की आंसू थे, और उन्होंने वरुण के पास जाकर उसे आलिंगन किया। उनकी दोनों दिलों ने एक-दूसरे के साथ जुड़कर एक नई कहानी लिखने की शुरुआत की।
वो दोनों एक-दूसरे के साथ बिताए गए समय में खो गए और उनका प्यार मजबूत होता गया। उनकी ये प्यार भरी कहानी, "दिल से जुदा, प्यार से जुड़ा," सदैव यादों में बसी रही।
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